स्पेशल टाडा अदालत गुरुवार को 1993 में हुई मुंबई धमाके से जुड़े मामले में अबू सलेम समेत 5 दोषियों के खिलाफ सजा का ऐलान करेगी। अबू सलेम सहित सभी दोषी अदालत पहुंच चुके हैं। आपको बता दें कि 1993 में मुंबई में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे, जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे। हमले के दोषी आरोपियों में अंडरवर्ल्ड डान अबु सलेम को 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पित करके भारत लगा गया था। ब्लास्ट में मुस्तफा दोसा, मोहम्मद ताहिर मर्चेट, करीमुल्लाह खान, रियाज सिद्दीकी और फिरोज अब्दुल राशिद खान शामिल थे।
मुस्तफा को यूएई से प्रत्यर्पित करके देश लाया गया था जिसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई है। अब्दुल कयूम को कोर्ट ने आरोपों से मुक्त कर दिया गया था। कोर्ट ने अबु सलेम को मुंबई ब्लास्ट की साजिश रचने का दोषी पाया था। अबू सलेम पर हमले में हथियार और विस्फोटक मुंबई में लाने दोष साबित हुआ है। सुनवाई के दौरान जज ने ये भी कहा था कि सरकारी पक्ष ने अपने आरोप साबित कर दिए हैं। कोर्ट के फैसला के बाद सरकारी वकील डीएन साल्वी ने केस से जुड़ी कई जानकारियां दी। उन्होंने बताया था कि विस्फोट का सारा सामान अबु सलेम की देख-रेख में आया था।
"ऐ गुजरने वाली हवा बता" "संदेशे आते है" Full Song lyrics : "संदेसे आते हैं", हमें तड़पाते हैं जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे के तुम बिन ये घर सूना सूना है किसी दिलवाली ने, किसी मतवाली ने हमें खत लिखा है, ये हमसे पूछा है किसी की साँसों ने, किसी की धड़कन ने किसी की चूड़ी ने, किसी के कंगन ने किसी के कजरे ने, किसी के गजरे ने महकती सुबहों ने, मचलती शामों ने अकेली रातों में, अधूरी बातों ने तरसती बाहों ने और पूछा है तरसी निगाहों ने के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे के तुम बिन ये दिल सूना सूना है संदेसे आते हैं... मोहब्बतवालों ने, हमारे यारों ने हमें ये लिखा है, कि हमसे पूछा है हमारे गाँवों ने, आम की छांवों ने पुराने पीपल ने, बरसते बादल ने खेत खलियानों ने, हरे मैदानों ने बसंती बेलों ने, झूमती बेलों ने लचकते झूलों ने, दहकते फूलों ने चटकती कलियों ने, और पूछा है गाँव की गलियों ने के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे के तुम बिन गाँव सूना सूना है संदेसे आते हैं... कभी एक ममता की, प्यार की गंगा की जो चिट्ठी आती है, साथ वो लाती है मेरे दिन बचपन के, खेल व...
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